राजनीति

ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति बनने की राह में अड़चनें

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के 2024 के चुनाव के लिए डोनाल्ड ट्रम्प को झटका लगा है। कॉलोराडो और मेन राज्य की सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रम्प के नाम को प्राथमिक मतपत्रों से रोक द

अर्जेण्टीना राष्ट्रपति चुनाव : घोर दक्षिणपंथी की जीत

अर्जेण्टीना में राष्ट्रपति पद के लिए दूसरे राउण्ड के चुनाव 19 नवम्बर को सम्पन्न हो गये। चुनाव में एक ऐसे शख्स जेवियर मिलेई राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गये जिसकी बातों और क

‘दो राज्य समाधान’ का फर्जीबाड़ा

आजकल सारी दुनिया के पैमाने पर ‘दो राज्य समाधान’ मोदी वाला जुमला बन गया है यानी एक ऐसा जुमला जो मासूम लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए दोहराया जाता है। आज इजरायल के जियनवादी श

अमेरिकी साम्राज्यवादी और बंदूक संस्कृति

अमेरिका में मैने प्रांत के लिविस्टन में एक बंदूकधारी ने सड़क पर उतर कर 16 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार डाला। पुलिस बंदूकधारी की तलाश में जुटी है। हमलावर अमेरिकी सेना क

इजरायल-हमास युद्ध और महत्व खोता संयुक्त राष्ट्र संघ

इजरायल द्वारा फिलीस्तीन पर ढाई जा रही बर्बरता में मारे जाने वाले निर्दोष नागरिकों-बच्चों की तादाद हर बीते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। ऐसे में विश्व शांति के नाम पर बनायी ग

एक धूर्त की फज़ीहत

ऐसा क्या हो सकता है कि कोई एक साथ ही गुलाम और गुलाम मालिक के साथ खड़ा हो जाये। अपराधी और अपराध के शिकार का साथ साथ-साथ दे। बाघ और बकरी को एक ही घाट में पानी पिला दे। 
    

श्रीलंका एक बार फिर कर्ज संकट के मुहाने पर

श्रीलंका में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रतिनिधिमंडल की दो सप्ताह की यात्रा के बाद प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष पीटर ब्रेयूर ने कहा कि श्रीलंका को कर्ज के रूप में दी जाने

जैसी करनी वैसी भरनी

7 अक्टूबर शनिवार के दिन हमास ने इजरायल पर जो जोरदार हमला बोला वह इजरायल के क्रूर जियनवादी शासकों को हतप्रभ करने वाला रहा। इजरायल के धूर्त, क्रूर और भ्रष्ट प्रधानमंत्री ने

नाइजर में सैन्य तख्ता पलट

26 जुलाई को अफ्रीका का एक और देश तख्तापलट का शिकार हो गया। नाइजर के राष्ट्रपति मोहम्मद बाजौम को उनके ही गार्डों ने बंधक बनाकर इस तख्तापलट को अंजाम दिया। तख्तापलट के पश्चा

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।