ईरान पर हमले के खिलाफ जगह-जगह विरोध प्रदर्शन

Published
Mon, 03/16/2026 - 07:42
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ट्रंप और नेतन्याहू के पुतले आग के हवाले

अमेरिका-इजराइल गठजोड़ द्वारा 28 फरवरी से ईरान पर भारी हमले किये जा रहे हैं। इस साम्राज्यवादी हमले के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों की हत्या कर दी गई है। इसके अलावा एक स्कूल पर बमबारी कर 150 से भी अधिक बच्चियों को मार दिया गया है। ईरान द्वारा भी पलटवार करते हुये अरब देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरानी मिसाइलों ने इजराइल में हड़कंप मचा रखा है। यह युद्ध पूरे मध्य पूर्व को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन कर एवं ईरान की सम्प्रभुता को रौंदकर उस पर किये जा रहे इन हमलों का भारत में भी विरोध हो रहा है। 
    
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 3 मार्च को विभिन्न वामपंथी-जनवादी एवं क्रांतिकारी संगठनों ने विशाल विरोध-प्रदर्शन कर इस अन्यायपूर्ण युद्ध को तत्काल रोकने की मांग की गई। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने अमेरिकी साम्राज्यवाद को दुनिया की जनता का सबसे बड़ा दुश्मन बताया।
    
गुड़गांव में 1 मार्च को इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा अमेरिकी साम्राज्यवाद का पुतला दहन किया गया। विरोध प्रदर्शन में ।प्न्ज्न्ब् के कार्यकर्ताओं ने भी भागीदारी की। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि दुनिया में अपने गिरते वर्चस्व और घटते प्रभुत्व ने अमेरिकी साम्राज्यवादियों को बदहवास कर दिया है।
    
फरीदाबाद में 1 मार्च को इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का पुतला दहन कर इस साम्राज्यवादी युद्ध का विरोध किया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने हमलावर अमेरिका-इजराइल गठजोड़ पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को शर्मनाक बताया।
    
हरिद्वार में 1 मार्च को संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के नेतृत्व में जुलूस निकालकर अमेरिकी साम्राज्यवाद और उसके पिट्ठू इजराइल का पुतला दहन किया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा अमेरिका के साथ अपमानजनक संधियां की जा रही हैं जिन्हें तत्काल निरस्त किया जाना चाहिये।
    
हरिद्वार के ही कनखल में 3 मार्च को क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन एवं जन अधिकार संगठन द्वारा जुलूस निकालकर ट्रंप और नेतन्याहू के पुतले को आग के हवाले किया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि ईरान पर हमले से 2 दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी इजराइल में थे और गाजा नरसंहार के अपराधी नेतन्याहू से गले मिल रहे थे। भारत लौटने के बाद उन्होंने ईरान पर किये जा रहे हमलों पर अभी तक एक शब्द भी नहीं बोला है।
    
काशीपुर में 3 मार्च को अमेरिकी साम्राज्यवाद और इजराइल का पुतला दहन किया गया। विरोध-प्रदर्शन में इंकलाबी मजदूर केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन एवं प्रगतिशील महिला एकता केंद्र के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि ईरान पर हमले के साथ हथियार निर्माता कंपनियों के शेयर बढ़ने शुरू हो गये हैं। यह दिखा रहा है कि असल में युद्ध किसके पक्ष में है। 
    
रामनगर में 5 मार्च को युद्ध अपराधी ट्रंप और नेतन्याहू का पुतला दहन किया गया। विरोध प्रदर्शन में विभिन्न प्रगतिशील एवं क्रांतिकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि नये साल की शुरुआत में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया था। डोनाल्ड ट्रंप एक वैश्विक गुंडे जैसा व्यवहार कर रहा है।
    
रुद्रपुर में 3 मार्च को गांधी पार्क में सभा कर ट्रंप और नेतन्याहू का पुतला दहन किया गया। विरोध-प्रदर्शन में विभिन्न प्रगतिशील एवं क्रांतिकारी संगठनों ने भागीदारी की। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि जब तक साम्राज्यवाद का अंत नहीं कर दिया जाता तब तक दुनिया की जनता को युद्धों की विभीषिका से मुक्ति नहीं मिल सकती।
    
पंतनगर में 3 मार्च को इंकलाबी मजदूर केंद्र एवं ठेका मजदूर कल्याण समिति द्वारा अमेरिकी साम्राज्यवाद का पुतला दहन किया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवादियों द्वारा ईरान पर हमला रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एवं तेल-गैस से संपन्न मध्यपूर्व पर अपना दबदबा कायम करने के मकसद से किया गया है।
    
लालकुआं में 3 मार्च को ट्रंप और नेतन्याहू का पुतला दहन किया गया। विरोध-प्रदर्शन में इंकलाबी मजदूर केंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र एवं अम्बेडकर पार्क सेवा समिति ने भागीदारी की। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि ईरान पर यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है और अवैध है।
    
हल्द्वानी में 2 मार्च को परिवर्तनकामी छात्र संगठन एवं क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन अमेरिकी साम्राज्यवादियों एवं इजराइली शासकों के पोस्टरों को जलाया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि इस हमले का मकसद ईरान में सत्ता परिवर्तन कर वहां अमेरिका परस्त हुकूमत कायम करना है।
    
गोहाना में 2 मार्च को जन संघर्ष मंच, हरियाणा द्वारा ट्रंप और नेतन्याहू का पुतला दहन किया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवादी विश्व शांति को खतरे में डालकर दुनिया भर में युद्ध छेड़ रहे हैं।       
    
कुरुक्षेत्र में 2 मार्च को जन संघर्ष मंच, हरियाणा द्वारा ट्रंप और नेतन्याहू का पुतला दहन किया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि ईरान पर हमला न सिर्फ उसकी सम्प्रभुता का खुला उल्लंघन है बल्कि समूचे मध्य पूर्व को अस्थिर करने की साजिश है।
    
बलिया में 2 मार्च को क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के नेतृत्व में अमेरिकी साम्राज्यवाद का पुतला फूंका गया। इस अवसर पर बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बोला गया हमला पूरी मानवता के विरुद्ध हमला है और पूरी दुनिया की मजदूर-मेहनतकश जनता इसके खिलाफ खड़ी है।
    
मऊ में 10 मार्च को विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से युद्ध विरोधी जुलूस निकाला। 
        -विशेष संवाददाता

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