पी एफ के मजदूर विरोधी बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन

Published
Fri, 01/16/2026 - 07:20
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फरीदाबाद/ 9 जनवरी को फरीदाबाद में पी एफ आफिस में इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा पी एफ निकासी में सरकार द्वारा किए जा रहे मजदूर विरोघी बदलाव को वापस लेने की मांग के लिए प्रदर्शन-ज्ञापन का कार्यक्रम किया गया।
    
संगठन के कार्यकर्ता बाटा मेट्रो स्टेशन में एकत्रित हुए। वहां से बैनर तख्तियां लेकर नारे लगाते हुए जुलूस-प्रदर्शन करते हुए पी एफ आफिस गये। प्रदर्शन पी एफ आफिस के गेट पर पहुंच कर सभा में बदल गया।     
    
सभा में वक्ताओं ने बात रखते हुए कहा पी एफ मजदूरों की बचत का मुख्य साधन है। मजदूर बेरोजगार होने, बीमार होने, पढ़ाई, शादी, घर आदि आवश्यक कामों हेतु ही पी एफ का पैसा निकालते हैं। सरकार ने पी एफ के पैसे निकासी के नियमों में बदलाव कर दिये हैं। जहां पहले मजदूर बेरोजगार होने की स्थिति में दो माह के अंदर पूरे पैसे (पेंशन के हिस्से सहित) निकाल सकता था वहीं नये नियम के हिसाब से अब खाता धारक अपने कुल पैसे का 75 प्रतिशत हिस्सा ही निकाल सकता है। शेष 25 प्रतिशत पैसे एक साल बाद व पेंशन का पैसा तीन साल बाद ही निकाल सकता है। ये बदलाव मजदूर वर्ग के विरोध में हैं। सभी वक्ताओं ने इस बदले हुए नियम को वापस लेने की मांग की।
    
इसके साथ पांच सूत्रीय ज्ञापन केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री मनसुख माडविया को भेजा गया। ज्ञापन पी एफ आफिस की असिस्टेंट कमिश्नर महोदया, फरीदाबाद के माध्यम से भेजा गया।
    
ज्ञापन में पी एफ निकासी के नियमों में बदलाव को रद्द करने, पेंशन 15,000 रु. करने, न्यूनतम वेतन 30,000 रु. प्रति माह करने आदि की मांगें की गयीं। 
    
कार्यक्रम के लिए इंकलाबी मजदूर केन्द्र की फरीदाबाद इकाई ने एक पर्चा छपवा कर कंपनी गेटों-मजदूर बस्तियों में पर्चा अभियान चलाए गए व नुक्कड़ सभाएं भी की। -फरीदाबाद संवाददाता

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