फासीवाद

अप्रवासी मजदूर और पूंजीपति वर्ग

/migrant-labour-and-capitalist-class

सं.रा.अमेरिका में राष्ट्रपति की कुर्सी पर सवार होते ही डोनाल्ड ट्रम्प ने अप्रवासी मजदूरों के खिलाफ वह अभियान छेड़ दिया जिसका उन्होंने चुनावों के दौरान दावा किया था या धमकी

कुंभ में भगदड़ : हुक्मरानों के यज्ञ में बलि चढ़ती निर्दोष जनता

/kumbh-mein-bhagadada-hukmaraanon-ke-yagya-mein-bali-chadhate-nirdosh-janataa

इलाहाबाद में महाकुंभ के दिन-रात जिस कदर ढिंढोरे संघ-भाजपा के नेताओं-पूंजीवादी मीडिया ने दिन-रात पीटे हुए थे, उसमें किसी बड़ी दुर्घटना की कई लोगों को आशंका हो रही थी। पहले

उच्च शिक्षा पर बढ़ता फासीवादी शिकंजा

/higher-education-par-badhataa-phaseevaad-shikanjaa

मोदी सरकार का देश की शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलना बदस्तूर जारी है। अभी हाल में ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अपने कुछ नये नियम जारी किये। इन नियमों से विश्वविद्यालयों

इच्छाधारी प्रधानमंत्री

/icchaadhaari-pradhanmantri

अभी कुछ माह पहले ही हमारे प्रधानमंत्री को भान हुआ था कि वे कोई साधारण इंसान नहीं बल्कि भगवान द्वारा दी गयी शक्तियों से लैस अजैविक अर्थात देवता हैं। तब उनके इस बयान पर काफ

पूंजीपतियों की डींगे

/poonjipatiyon-ki-deenge

नरेन्द्र मोदी बहुत कम इंटरव्यू देने के लिए जाने जाते हैं। जो गिने-चुने इंटरव्यू वह देते भी हैं, उनके बारे में कहा जाता है कि इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवालों की सूची उन

बोया पेड़ बबूल का....

आजकल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक के अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं। ऐसा नहीं है कि संघ तरक्की नहीं कर रहा है वह तो मोदी काल में पूंजीपतियों की दौलत की तरह दिन-दूनी र

मनुस्मृति के विरोध पर गिरफ्तारी

/manusmrati-ke-virodha-par-giraftari

देश की संसद में गृहमंत्री द्वारा अम्बेडकर के अपमान का मुद्दा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि वाराणसी में घटे एक घटनाक्रम ने दिखला दिया कि दरअसल संघ-भाजपा को अम्बेडकर से न केवल

हिंदूवादी संगठनों की शिकायत पर प्रभारी प्रधानाचार्य का निलंबन

/hinduvadi-sangthanon-ki-shikayat-par-prabhari-principle-ka-suspention

हिंदू फासीवादियों द्वारा उत्तराखंड को हिंदुत्व की नई प्रयोगशाला बनाने के कुत्सित प्रयास लगातार जारी हैं। ताजा घटना नैनीताल जिले के रामनगर की है जहां एक राजकीय इंटर कालेज

आलेख

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।