पत्र

किन्नर

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विवाह लगभग समाप्त हो चुका है। सुबह-सुबह खुले आसमान के नीचे ओस टपक रही है। दूल्हे के परिवारजन ठंड से बचने के लिए अलाव के इर्द-गिर्द बैठे हुए हैं। हंसी-खुशी और ससुराल की कम

गन्ना-चीनी और महिला मजदूर

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चीनी हर घर की रसोई में इस्तेमाल होती है। ज्यादातर खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में इसका इस्तेमाल होता है। पर शायद ही चीनी खाते हुए कोई इसकी उत्पादन प्रक्रिया में महिला मजदूर

सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज हुआ मुश्किल

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हिन्दू धर्म की ठेकेदार भाजपाई सरकार अधिकतर राज्यों और केन्द्र में काबिज है। इन्होंने अभी तक देश में धार्मिक उन्माद व नफरत फैलाने में वरीयता हासिल की है। अगर इस मामले में

कहानी - नदामत (पश्चाताप)

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वृद्ध माता की उम्र 65 वर्ष के आस-पास है। जीवनसाथी का देहांत हुए एक अरसा बीत चुका है जो जाने से पहले किराए के पांच कमरे छोड़ गए थे। दोनों बेटे बाहर ही रहते हैं और तीज-त्यौह

हैप्पी दीपावली

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दीपावली की तैयारी महीनां पहले से शुरू हो जाती है। हर कोई तैयारी कर रहा होता है दीपावली को लेकर। कोई कुछ खरीदना चाहता है तो कोई कुछ। बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। चड्ढी-बनि

UPSC की बीमारी

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शुरूआती समय में UPSC की तैयारी की सोचता था तो मुखर्जीनगर और बत्रा सिनेमा स्वप्नलोक की दुनिया जैसा था। मुझे लगता था कि बौद्धिकता और नैतिकता का केंद्र यहीं पर होगा क्योंकि

न्याय पाने में बाधा बनता पुलिस प्रशासन

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22 सितंबर 2025 की शाम को बवाना औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर 4 के डी ब्लाक के प्लाट नंबर 165 में स्थित एक फैक्टरी के मजदूर (राजेश शाह) की लिफ्ट गिरने से चोट लग जाने से मृत्य

फैक्टरी में अपंग बनते मजदूर

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कानपुर देहात के मोगनी पूरबराया के इंदिरा नगर कालोनी निवासी शीबू कुमार फरीदपुर बरेली में केसरपुर के पास स्थित एल्युमिनियम फैक्टरी में काम करते थे। शीबू कुमार ने बताया कि व

और उन्होंने कुछ नहीं खाया

/aur-unhone-kuch-nahin-khaaya

उस दिन गुड़गांव से बरेली जाने के लिए टनकपुर एक्सप्रेस का इंतजार कर रहा था। ट्रेन का टाइम रात 10 बजे का था पर ट्रेन 30 मिनट लेट है, की उद्घोषणा बार-बार होते हुए 5 घंटे बाद

जनता के पैसे से छवि चमकाते प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी धूमिल होती छवि चमकाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। पिछले साल गुजरात में भी ऐसी ही एक घटना घटी, जब 7 अक्टूबर 2024 को गुजरात सरकार ने कुछ विज्ञापन

आलेख

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।

/education-and-emplyoment-dasha-aur-durdasha

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और

/cocoroach-saradar-and-samajvadi-janataantrik-morcha

उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।