मजदूर आवाज
हरियाणा में वेतन वृद्धि और पूंजीपतियों की चीख-पुकार
पिछले दिनों गुड़गांव के आई एम टी मानेसर में हरियाणा सरकार द्वारा लागू न्यूनतम वेतन वृद्धि को लागू करवाने के लिए मजदूरों हड़तालों का तांता लगा रहा। होंडा फैक्टरी से शुरू हुआ
महिला मजदूरों से नाईट शिफ्ट और पूंजीपतियों को सेल्फ सर्टिफिकेशन
व्यावसायिक संरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संबंधी संहिता, 2020
दुनिया भर में उठी आवाज : ट्रम्प-नेतन्याहू खूनी हैं!
28 फरवरी को जैसे ही अमेरिकी साम्राज्यवादियों और उनके पिट्ठू इजरायल ने ईरान पर मनमाने तरीके से हमला बोला, वैसे ही दुनिया भर में इस अन्यायपूर्ण युद्ध के खिलाफ जनता के सड़कों
पी.एफ. की योजनायें मालिक के नाम
सरकार रोजगार को बढ़ावा देने के लिये तरह-तरह की योजनायें लाती रहती है। खासकर ऐसी योजनायें जिससे पूंजीपतियों को भी लाभ मिल सके। जैसे स्प्री स्कीम (SPREE SCHEME), प्रधानमंत्र
जापान के हड़तालों के बारे में गढ़े गये मिथक
पूरी दुनिया में जापान के मजदूरों के अत्यन्त परिश्रमी होने की बातें कही सुनी जाती है। भारत में तो इससे आगे यह भी कहानी सुनने को मिल जाती है कि जापान के मजदूर अपनी मांगें म
मेघालय : कोयला खदान में विस्फोट, 27 मजदूरों की मौत
मेघालय में 5 फरवरी को एक कोयला खदान में विस्फोट होने से 27 मजदूरों की मौत हो गयी। अभी भी कई मजदूर 100 मीटर गहरे गड्डे में फंसे हैं। यह खदान पूर्वी जयंतिया हिल्स में थांगस
सरकार को झुकाने को अनवरत् संघर्ष जरूरी
12 फरवरी की आम हड़ताल पिछले कुछ वर्षों की हड़तालों से कहीं अधिक सफल रही। स्कीम वर्कर्स, गिग मजदूरों-सरकारी कर्मियों के साथ कई जगह निजी क्षेत्र की यूनियनों ने भी हड़ताल की। द
हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है
12 फरवरी : आम हड़ताल
रस्मी आयोजन काफी नहीं, जुझारू अनवरत् संघर्ष जरूरी
2025 में अरबपतियों की संपत्ति में भारी वृद्धि हुई
ब्रिटेन स्थित चैरिटी संस्था आक्सफैम द्वारा सोमवार को प्रकाशित वार्षिक रिपोर्ट में यह दस्तावेजीकरण किया गया है कि तानाशाही और युद्ध का हिंसक विस्तार वैश्विक सामाजिक असमानत
राष्ट्रीय
आलेख
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।