कोटद्वार में बजरंग दल की गुंडागर्दी के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन

Published
Mon, 02/16/2026 - 06:00
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26 जनवरी को जब सरकार गणतंत्र दिवस मना रही थी, उसी दिन उत्तराखंड के कोटद्वार इलाके में हिंदू धर्म के संस्थापक बजरंग दल के फासीवादी लंपट गुंडों ने 70 साल के बुजुर्ग बुजुर्ग मुस्लिम आतंकियों की दुकान का नाम बदलने के लिए हमला कर दिया था। बाबा ड्रेस एवं मैचिंग सेंटर का नाम से स्टोर शेयरहोल्डर अपने परिवार का जीवन यापन करने वाले मुस्लिम बुजुर्ग को जब बजरंग दल के लंपट एलिमेंट स्टोर का नाम बदलने के लिए ड्रेम-धमका दे रहे थे, उसी समय एक प्रशंसक ''मोहम्मद दीपक'' सीना ताने खड़े हो गए। इसे देख स्थानीय लोग भी पागल लम्पटों को ढिक्कारने लगे थे, आख़िरकार नफ़रत चमक वाले गुंडों को उल्टा भागना पड़ा था। 
    
किसान समर्थक भागे बजरंग दल के मावेवादी लंपट गुंडों ने 31 जनवरी को भाजपा और आरएसएस के विशेष गुंडों के साथ मिलकर सौ-डेढ़ सौ (100-150) की संख्या में पुलिस की अगुवाई में दीपक कुमार के घर और जिम पर हमला कर दिया था। भारी संख्या में वहां मौजूद उत्तराखंड पुलिस के सामने दीपक को गंदी-गंदी मां-बहन की गालियां दी गईं। उन्हें मुल्ला और कटुआ कहा गया। दीपक और उसके दोस्त को सबक सिखाने के लिए मारा-पीटने की धमकियां दी। पुलिस के सामने आए गुंडागर्दी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर देख सकते हैं। दीपक, उनके दोस्त और मुस्लिम सऊदी अरब में हैं, उनके साथ कुछ भी अनहोनी होने की संभावना जा रही है। उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि जेल में बंद गुंडों की जगह दीपक और उसके दोस्त पर भी आपराधिक धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
    
दिल्ली-दंत-महात्माओं को जगारूक एवं सहयोगी बनाने में लगे कुछ जनवादी एवं कार्यकर्ता 5 फरवरी को राजधानी दिल्ली में उत्तराखंड सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले रजिस्ट्री कमिश्नर के नामांकन पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का नाम बताया गया।
    
प्रदर्शन में बजरंग दल, भाजपा और आरएसएस की ऊंची गुंडागार्डी के शब्दों में आलोचना की गई। स्ट्रेंथ ने कहा कि ऐसी गुंडागार्डी उत्तराखंड पुलिस और राज्य की भाजपा सरकार के संरक्षण के बिना संभव नहीं है। बजरंग दल, भाजपा-आरएसएस और गुट से जुड़े हिंदूवादी संगठन देश में फर्जी राष्ट्र, हिंदुत्व और गौरक्षा के नाम पर नफरत फैला रहे हैं।
    
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुषाहर सिंह धामी को मान्यता दी गई है। मुस्लिम बुजुर्गों और दीपक कुमार पर हमला करने वाले बजरंग दल, भाजपा और आरएसएस के गुंडा नेता-कार्यकर्ता और उनके समर्थन वाले समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दीपक कुमार और उनके परिवार और मुस्लिम आतंकवादियों और उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि ये लोग निर्भीक अपना जीवन जी सकें।
    
प्रदर्शन में इंकलाबी वर्कर सेंटर, बेलसोनिका यूनियन, सी क्रूज़ मेट्रिक्स (मास लाइन), टीयू सी, सीज़ियोकामी स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन, लोकपक्ष, मोट फ़्रांसीसी स्टूडेंटयू (न्यू), प्रोग्रेसिव फीमेल यूनिटी सेंटर, जन संघर्ष मंच (हरियाणा) और भगतसिंह फ्रेंड्स एंड यूथ फ्रंट के प्रतिनिधि मौजूद हैं।
    
विभिन्न सामाजिक व क्रांतिकारी विद्वानों द्वारा 4 फरवरी को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर हरिद्वार के माध्यम से राज्यपाल को चिन्हित किया गया। विशेष रूप से दीपक और उनके साथियों पर फोर्टी रिकवरी करने और गुंडागर्दी करने वाले बजरंग दल के ऑर्केस्ट्रा को अचानक गिरफ्तार करने की मांग की गई।
    
प्रदर्शन में चमत्कार ने कहा कि आज भाजपा-संघ से जुड़े अनुयायियों का खुला गुंडागार्डी से पूरे समाज में साम्प्रदायिक आश्रम का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा तत्काल हस्तक्षेप न करने से और हथियारबंद कर्मचारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई न करने से इन लम्पटों का हौंसला बढ़ रहा है। संघ-भाजपा अपनी नफरत की राजनीति को परवान चढ़ाते हैं, अछूते उत्तराखंड को योजनाबद्ध तरीके से हिंदुत्व की नई खुराक बनाने पर तुली है। सनातन, रुद्रपुर, पुरोला, आश्रम, आश्रम और अब कोटद्वार में संप्रदायिक भवन समाप्त होने जा रहा है।
    
प्रदर्शन एवं वर्गीकरण में इंकलाबी श्रमिक केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, जन अधिकार संगठन, किर्ब श्रमिक समिति, भेल श्रमिक व्यापार संघ के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। 
    
रुद्रपुर में 9 फरवरी को राज्य सरकार के माध्यम से पुलिस अधीक्षक, उत्तराखंड सरकार को निर्देश दिया गया। कोटद्वार में साम्प्रदायिक स्मारकों को धमाके वाले लंपट और आतंक का मोहरा बनाने वाले और रुद्रपुर में जिम जादूगर पिरामिड के बोर्ड पर कालीख पोटने,ने-धमकाने, इसकी सजावट करने पर अनसुनी आवाज के पत्रकार रूपेश कुमार को धमाकाने वाले लंपट मियां पर व्यंग्य करने की मांग की गई।
    
हुई सभा में पिशाचिनी ने कहा कि वहां पिछले कुछ समय से लगातार सांप्रदायिक सौहार्द के माहौल को ध्वस्त करने वाली कई गोलियां चल रही हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को इसमें ताकत पर दबाव डालने की सलाह दी जाती है। संविधान में मूल अधिकारों के रूप में किसी भी नागरिक को कहीं भी व्यवसाय करने, अपने रहन-सहन, वेष-भूषा को प्रयोग करने की स्वतंत्रता है। मगर लंपट फासिस्ट संगठन लगातार हमले कर रहा है।
    
स्ट्रेंथ ने बताया कि रुद्रपुर, उधम सिंह नगर में उफान पर हुई घटना में सामाजिक स्मारक संवर्धन और सामुदायिक भाईचारे को मजबूत करने को आगे आएं जिम मिर्ज़ा चोपड़ा के जिम के बोर्ड पर शिखर पोटकर ड्राने-धमक वाले लंपट लामबंदी के खिलाफ प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। समाज के बंटकारी ताकतों के खिलाफ लगातार आवाज वाले अनसुनी आवाज के पत्रकार रूपेश कुमार को इन डिवीजनकारी लंपट द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार खतरा दिया जा रहा है।
    
नामांकित व्यक्तियों में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, इंकलाबी श्रमिक केंद्र, सीएसटीयू, स्टिकर (माले), ईदगाह बचाओ संघर्ष समिति, सी निगम टेंपो यूनियन, श्रमिक अधिकार संघर्ष अभियान (मासा), काकोरी शहीद स्मारक समिति, निकाय कर्मचारी संगठन, इंटरार्क श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद हैं।
    
इसके अलावा उ.प्र. के अलावा, बलिया, बलिया, वडोदरा में भी बजरंग दल के लम्पटों पर चर्चा की मांग और दीप के समर्थन में कार्यक्रम ये गए।         -विशेष संवाददाता

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