मजदूर की जान लेने वाले डाक्टर का क्लिनिक सीज
हरिद्वार/ सिडकुल, हरिद्वार के हिन्दुस्तान यूनिलीवर कम्पनी के श्रीचन्द मजदूर के हाथ में फ्रेक्चर हुआ था। रॉड पड़ी थी। उसका इलाज रानीपुर मोड़ के प्राईवेट सिटी अस्पताल में चल रहा था। हत
हरिद्वार/ सिडकुल, हरिद्वार के हिन्दुस्तान यूनिलीवर कम्पनी के श्रीचन्द मजदूर के हाथ में फ्रेक्चर हुआ था। रॉड पड़ी थी। उसका इलाज रानीपुर मोड़ के प्राईवेट सिटी अस्पताल में चल रहा था। हत
गुडगांव/ आई एम टी मानेसर, गुड़गांव में स्थित सेक्टर 4 प्लाट नंबर 202 में सन इंटरनेशनल के नाम से कंपनी है। यह कंपनी एक्सपोर्ट लाईन की है। यहां पर डेढ़-दो सौ
बलिया-देवरिया/ इजरायल द्वारा गाजा में फिलिस्तीनी जनता का कत्लेआम लम्बे वक्त से जारी है। इस कत्लेआम के खिलाफ जहां दुनिया भर की जनता का आक्रोश बढ़ रहा है वह
हरियाणा के भिवानी के एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय प्ले स्कूल की शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त को मेडिकल कालेज (नर्सिंग) में एडमिशन की पूछताछ के बाद लापता हो जाती है। घर न पहु
रामनगर/ उत्तराखंड में रामनगर के मालधन में पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग की मिलीभगत से अवैध शराब का धंधा जमकर फल-फूल रहा है। इससे क्षेत्र की महिलाएं बेहद
लालकुंआ/ दिनांक 27 अगस्त को प्रगतिशील महिला एकता केंद्र के कार्यकर्ताओं ने गाजा पट्टी पर इजरायली हमले के विरोध में इजराइल व अमेरिका के गठजोड़ का पुतला फू
15 अगस्त, 1947 को भारत ब्रिटिश साम्राज्यवादियों से आजाद हुआ था। इस आजादी को हासिल करने के लिये देश के मजदूरों, किसानों, आदिवासियों, नौजवानों और महिलाओं ने बेमिसाल कुर्बान
हल्द्वानी/ परिवर्तनकामी छात्र संगठन के आह्वान पर उत्तराखंड में क्लस्टर योजना लागू करने पर 15 अगस्त को हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में ‘‘शिक्षा का अधिकार और क
दिल्ली/ एसएससी (कर्मचारी चयन आयोग) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ देशभर में छात्रों-शिक्षकों का असंतोष है। यह असंतोष सड़कों पर विरोध प्रदर्
हल्द्वानी/ उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में पूरे पदों पर भर्तियां करने की जगह उसके विकल्प में आउअसोर्सिंग भर्तियां की जा रही हैं। स
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अजीबोगरीब विरोधाभास नजर आता है। एक ओर उच्च शिक्षा में आई आई टी, एम्स और आई आई एम जैसे सरकारी संस्थान हैं जो क्रमशः इंजीनियरिंग, चिकित्सा और
उदारवादी या वाम-उदारवादी अपनी प्रकृति से ही पूंजीवादी समाज के मूल अंतर्विरोधों को देखने में असमर्थ होते हैं। इसीलिए वे इसकी आम गति को देखने में असमर्थ होते हैं। उनका निजी सम्पत्ति, पैसे, प्रतियोगिता, इत्यादि में दृढ़़ विश्वास होता है। इनके बिना वे किसी समाज की कल्पना नहीं कर पाते। और ठीक इसी कारण वे यह नहीं देख पाते कि भ्रष्टाचार निजी सम्पत्ति, पैसा और प्रतियोगिता का अनिवार्य परिणाम है। कि इस समाज में भ्रष्टाचार को कानूनी वैधता प्रदान की जा सकती है, उसे खत्म नहीं किया जा सकता।